दु:ख भरी उदास शायरी हिंदी मे+Sad Shayeri (2021)

दोस्ती जब किसी से की जाए, तो दुश्मनों की भी राय ली जाए, मौत का जहर है फिजाओं में, अब कहां जाकर सांस ली जाए, बस इस सोच में डूबा हुआ हूं, कि यह नदी कैसे पार की जाए, मेरे माजी के जख्म भरने लगे हैं, आज फिर कोई भूल की जाए।

जो नजर से गुजर जाया करते हैं, वह सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं, कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते, बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं।

धड़कन बिना दिल का मतलब ही क्या, रोशनी के बिना दिये का मतलब ही क्या, क्यों कहते हैं लोग मोहब्बत ना कर दर्द मिलता है, वो क्या जाने कि दर्द के बिना मोहब्बत का मतलब ही क्या।

बहुत अजीब है यह बंदिशे मोहब्बत की, कोई किसी को टूट कर चाहता है, और कोई किसी को चाह कर टूटता है।

समझौतों की भीड़ भाड़ में सब से रिश्ता टूट गया, इतने घुटने टेके हमने आखिर घुटना टूट गया, यह मंजर भी देखे हमने इस दुनिया के मेले में, टूटा फूटा बचा रहा अच्छा खासा टूट गया।

हर सितम सहकर कितने गम छुपाए हमने, तेरी खातिर हर दिन आंसू बहाए हमने, तू छोड़ गया हमें जहां राहों में अकेले, बस तेरे दिए जख्म हर एक से छुपाए हमने।

बिछड़ के तुमसे जिंदगी सजा सी लगती है, यह सांस भी जैसे मुझसे खफा लगती है, तड़प उठता हूं दर्द के मारे, जख्मों को जब तेरे शहर की हवा लगती है, अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूं तो किससे करूं, मुझको तो मेरी जिंदगी भी बेवफा लगती है।

रोने की सजा न रुलाने की सजा है, यह दर्द मोहब्बत को निभाने की सजा है, हंसते हैं तो आंखों से निकल आते हैं आंसू, यह उस शख्स से दिल लगाने की सजा है।

इसी से जान गया हूं कि वक्त ढलने लगे, मैं थक के छांव में बैठा और पांव चलने लगे, मैं देर रहा था सहारे तो एक हुजूम में था, जो गिर पड़ा तो सभी रास्ते बदलने लगे।

आज तेरी याद हम सीने से लगाकर रोए, तन्हाई में तुझे हम पास बुला कर रोए, कई बार पुकारा दिल ने तुम्हें, और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोए।

दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता, रोता है दिल जब वो पास नहीं होता, बर्बाद हो गए हम उनकी मोहब्बत में, और वह कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं होता।

दु:ख भरी शायरी

जो आंसू दिल में गिरते हैं वो आंखों में नहीं रहते, बहुत से हर्फ़ ऐसे होते हैं जो लफ्जों में नहीं रहते, किताबों में लिखे जाते हैं दुनियाभर के अफसाने, मगर जिनमें हकीकत हो किताबों में नहीं रहते।

जाये हैं जी निजात के गम में, ऐसी जन्नत गई जहन्नुम में, आप में हम नहीं तो क्या अजब दूर उससे रहा है क्या, हमें बेखुदी पर ना मीर की जाओ, तुमने देखा है और आलम में मैं।

दिल मेरा जो ना रोया होता, हमने भी आंखों को भिगोया ना होता, दो पल की हंसी में छुपा लेता हूं गमो को, ख्वाब की हकीकत को जो संजोया ना होता।

इतनी पीता हूं कि मदहोश रहता हूं, सब कुछ समझता हूं पर खामोश रहता हूं, जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश में, अक्सर उन्हीं के साथ रहता हूं।

मैंने पत्थरों को भी रोते देखा है झरने के रूप में, मैंने पेड़ों को प्यासा देखा है सावन की धूप में, घुल मिलकर बहुत रहते हैं लोग जो शातिर हैं बहुत, मैंने अपनों को तन्हा देखा है बेगानों के रूप में।

बिन बताए उसने ना जाने क्यों यह दूरी कर दी, बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी, मेरे मुकद्दर में गम आए तो क्या हुआ, खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी।

दु:ख भरी शायरी

मेरे दिल में ना आओ वरना डूब जाओगे, गम-ए-अश्कों के सिवा कुछ भी नहीं अंदर, अगर एक बार रिसने लगा जो, तो पानी कम पड़ जाएगा भरने के लिए समंदर।

खुश रहे तू है जहां ले जा दुआएं मेरी, तेरी राहों से जुदा हो गई है राहें मेरी, कुछ नहीं मेरे पास अब खाली हाथ है, किसी और की नहीं सब खताएं हैं मेरी।

वो हमें भूल ही जाए तो कोई गम नहीं, जाना उनका जान जाने से भी कम नहीं, जाने कैसे जख्म दिए हैं उसने इस दिल को, कि हर कोई कहता है कि इस दर्द की कोई मरहम नहीं।

तुम्हारा दु:ख हम सह नहीं सकते, भरी महफिल में हम कुछ कह नहीं सकते, हमारे गिरते हुए आंसुओं को पढ़कर देखो, वो भी कहते हैं कि हम आपके बिना रह नहीं सकते।

गम इसका नहीं कि तू मेरा ना हो सका, मेरी मोहब्बत में मेरा सहारा ना बन सका, गम तो इसका भी नहीं कि सुकून दिल का लूट गया, गम तो इसका है कि मोहब्बत से भरोसा ही उठ गया।

माना कि तुम्हें मुझसे ज्यादा गम होगा, मगर रोने से यह गम कभी कम ना होगा, जीत ही लेंगे नाकाम बाजिया हम, अगर मोहब्बत में हमारे दम होगा।

कहां आके रुकने थे रास्ते कहां मोड़ था उसे भूल जा, वो जो मिल गया उसे याद रख जो नहीं मिला उसे भूल जा, वो तेरे नसीब की बारिश है किसी और छत पर बरस गई, दिले मुंतज़िर मेरी बात सुन उसे भूल जा उसे भूल जा।

तेरे इश्क में सब कुछ लुटा बैठा, मैं तो जिंदगी भी अपनी गवा बैठा, अब जीने की तमन्ना ना रही, बाकी सारे अरमान में अपने दफना बैठा।

पा लिया था दुनिया की सबसे हसीन को, इस बात का तो हमें कभी गुरुर ना था, वह रह पाते पास कुछ दिन और हमारे साथ, शायद यह हमारे नसीब को मंजूर ही नहीं था।

हम रूठे दिलों को मनाने में रह गए, गैरों को अपना दर्द सुनाने में रह गए, मंजिल हमारे हमारे करीब से गुजर गई, हम दूसरों को रास्ता दिखाने में रह गए।

दु:ख भरी शायरी

बर्बाद कर गए वह जिंदगी प्यार के नाम से, बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफा के नाम से, जख्म ही जख्म दिए उसने दवा के नाम से, आसमान भी रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।

हर खुशी के पलों हाथों से छूट गए, अब तो खुद के साए भी हमसे रूठ गए, हालात है अब ऐसे जिंदगी में हमारे, प्यार की राहों में हम खुद ही टूट गए।

दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना, अपने अनमोल आंसू इस तरह बेकार मत करना, कांटे तो फिर भी दामन थाम लेंगे, फूलों पर कभी इस तरह तुम एतबार ना करना।

खून बनकर मुनासिब नहीं दिल बहे, दिल नहीं मानता कौन दिल से कहे, तेरी दुनिया में आए बहुत दिन रहे, सुख यह पाया कि हमने बहुत दुख सहे।

आज ये तन्हाई का एहसास कुछ ज्यादा है, तेरे संग ना होने का मलाल कुछ ज्यादा है, फिर भी काट रहे हैं यह जाने की सजा, यही सोच कर शायद इस जिंदगानी में मेरे गुनाह कुछ ज्यादा है।