bewafa shayari in hindi, heart broken 💔 {2021} for girlfriend {Bewafa status}

bewafa shayari

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कश्ती है दिल के दरिया में धड़कन की
बस्ती है ख्वाबों की दुनिया में यादों की
बाज़ार में चाहत है मोहब्बत के सौदा का
सस्ती है बेवफाई कीमत से वफा की

दिल क्या तुम मिलाओगे हमसे हो गया हमें यकीन
सबसे मिलाया जाएगा पर तुमसे ना मिलाया जाएगा

bewafa shayari
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चख लेने दो मजा उसे भी
गैरों से मोहब्बत का
वो औरों का क्या ही होगा
मेरा ना हुआ जो इतनी चाहत के बाद

आग लगी दिल में जब हुए वो खफा
हुआ महसूस तब जब हुए वो जुदा
करके वफा वो दे ना सके कुछ
पर दे गए वो बहुत कुछ हुए जब वो बेवफा

bewafa shayari
bewafa shayari

याद रखोगे तुम अगर तो एनायत होगी
वरना कहां तुमसे शिकायत हमको होगी
ये दुनिया तो है बेवफा लोगों की
भूल जाओ तुम अगर, तो रियायत होगी

उसकी चेहरे पर इस कदर नूर था,
उसकी यादों में रोना भी मंजूर था,
कह भी नहीं सकते उसको बेवफा फ़राज़,
हमने ही किया है प्यार, वो तो बेकसूर था

bewafa shayari
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बे रूखी हमने सितम को समझा
हमने बंदगी प्यार को समझा
चाहे तुम हमें जो भी समझो
तुम्हें तो हमने अपनी जिंदगी ही समझा

कीजिए मत जिक्र मेरी अदा के बारे में
जानता हूं में बहुत कुछ वफा के बारे में
सुना है शौक रखते हैं वो भी मोहब्बत का
नहीं जानते हैं जो कुछ भी वफा के बारे में

मिली ना हमें मोहब्ब्त ना ही प्यार मिला
जो भी मिला हमको बेवफा यार मिला
बन गई तमाशा तो अपनी जिंदगी
अपनी मकसद का ही तलबगार हमको मिला

हकीकत कहूं तुझे तो ख्वाब लगता है
शिकायत करूं तुझसे तो मजाक लगता है
कितनी शिद्दत से याद करता हूं तुझे
और तुझे ये सब इत्तेफाक़ लगता है

धोखे खाया हूं में पर किसी को धोखा नहीं दिया
अच्छा नहीं हूं में पर किसी को बुरा नहीं कहा

मैंने परखा है अपनी बद किस्मती को
में जिसे अपना मान लूं वो मेरा नहीं रहता

उठाऊं सर तेरी चौखट से तो बेवफा कहना
चाहूं किसी और को तेरे सिवा तो बेवफा कहना
शक है गर मेरी वफाओं में तो खंजर उठा लेना
मर न जाऊं शोक से तो बेवफा कहना

bewafa shayari
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वो खुद ही थी बेवफा
पर इल्ज़ाम किसी और को देती है
उसके होठों पे पहले मेरा नाम था
लेती है अब वो किसी और का नाम
लेती थी कभी वादा मुझसे, साथ ना छोड़ने का
यही वादा, अब किसी और से लेती है

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shayari Bewafa ki

काश इंसुरेंस भी हो जाता प्यार का
करने से प्यार पहले प्रीमियम भरवाया जाता
मिली प्यार में वफा तो ठीक वरना
खर्चा होता जो बेवफा पे उसका क्लेम तो मिल जाता

कर गए वो बर्बाद वो जिंदगी हमारे प्यार के नाम से
मिली हमें बेवफा सिर्फ वफा के नाम से
दिए हैं सिर्फ जख्म ही जख्म वो दवा के नाम से
रो पड़ा आसमान भी मेरी मोहब्बत के नाम से

मेरे पास सब कुछ है पर दिल को दवा नहीं
मुझसे वो दूर है पर में खफा नहीं
अब भी प्यार करता है मुझे मालूम है
थोड़ा जिद्दी है वो मगर बेवफा नहीं

हम रहते हैं दूर तो हुआ क्या
जुदा तो हम नहीं
कर नहीं सकते बात तो हुआ क्या
खफा तो हम नहीं
मजबूरी है हमारी ना मिलना
पर बेवफा हम तो नहीं

जुदाई ने आपकी हमें शायरी सीखा दी
हमें जुदाई ने आपकी मंजिल भुला दी
चाहते तो नहीं थे आपसे जुदा होना पर
करें क्या हम हमें अपनों ने ही पीठ दिखा दी

बेवफ़ाई ऐसी की उसने
बदनाम मोहब्बत भी ही गई
कीमत मोहब्बत की उसूल की इतनी उसने
के अर्थी भी हमारी नीलाम हो गई

आपन ख्वाबो के तबीर की खातिर
मेरा छोटा सा संसार को युं उजार डाला
याद कर वो दिन एक इसारा
पर मैने भरि महफिल में तुझे, आपनी दुल्हन बन डाला
पर थोडी सी गुरबत को देख कर

तुमने मुझे बेइज्जत और बदनाम कर डाला
मैंने हमेशा तुझे प्यार किया है पर
तूने खुन के आंसू रुला डाला
तुम्हें रूठा हआ महबूब समुझा थ पर
तूने मुझसे बेवफाई कर डाला

bewafa shayari
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गिनती अरमानों की मुझे नहीं आती
पर एक ख्याल दिल का आपसे कह दूं
अगर हर एक बूंद पानी की प्यार बन जाए
तो तोहफे में सारा समंदर आपको दे दूं

लिखा था अश्कों की स्याही से खत प्यार का
शायद करार वही था उसके प्यार का
वो पहुंच गई भूले भटके मेरे क़ब्र पर
पता मिला था उसको सिर्फ मेरे मजार का
मेरे दफन दिल को करार ना मिला
स्वागत मैने उठकर किया अपने प्यार का
उसको रूह की मिलन का एहसास था
लेकिन वो मौका नहीं था रस्में बहार का
अश्कों में छलकती थी भावनाएं हुस्न से
शायद किनारा था वही उसके खुमार का

ए दिल तू किनारे को किनारा ना समझ
ए दिल तू सहारे को सहारा ना समझ
टूट जाते हैं किनारे बारिश आने पर
मुसीबत आने पर सहारे भी छूूट जाते हैं

bewafa shayari
bewafa shayari

बहती हुई नदी में उनका प्यास है
जलती हुई शमा में उनकी गर्मी का एहसास है
घर बसा लिए हमने किसी और के साथ
बसी है सीने में वही बेवफा के प्यार के जहर का राज है

वफा ने बेवफा के खत को फाड़ दिया
उनके तस्वीरों को भी जला दिया
जो भी निशानी थी उसकी
सब निशानी को फाड़ दिया

लेकिन
हर सांस में हमारी हर नस में हमारी जो समा गया
खयालों में हमारे जो छा गया
अपना दीवाना जो हमें बना गया
बेखबर सारी दुनिया से हमें बना गया
हम उसकी जिंदगी हैं कहता था
मेरी जिंदगी को ही मुझसे छीन गया
सितम ये कैसा कर गया
मुझे तो जीते जी मार गया
ये तूने ए सनम क्या कर दिया।

उसे कहते हैं बेवफा जो वफा नहीं करते
होता ना अगर मुझे तुझसे प्यार, तो बेवफा किसे कहते
फिर भी ऐसा सिला दिया है तुमने मेरे प्यार का
के कहना भी तुम्हें बेवफा, बेवफा की तौहीन होती है

बेवफा हमारे कुछ दोस्त हो गए
जो हमारे इंतजार अब नहीं करते
कभी बातें बहुत किया करते थे वो हमसे
अब तो याद भी वो हमें नहीं करते

किसी को भूल जाना यारो, इतना आसान नहीं होता
निशान जख्मों के मिटाना आसान नहीं होता
जिसने माना हो प्यार को खुदा
आसान उसको छोड़ जाना नहीं होता

bewafa shayari
bewafa shayari

रहते हैं चुप के कोई खफा ना हो जाए
कोई रुसवा हमसे ना हो जाए
कोई अपना बड़ी मुश्किल से लगने लगा है
हम डर जाते हैं के मिलने से पहले ही कोई जुदा ना हो जाए

अब हम दर्द से खेलना सीख गए
बेवफ़ाई के साथ जीना सीख गए
किस कदर दिल टूटा है मेरा क्या बताएं
कफन मौत से पहले ओढ़ कर सोना सीख गए

हर एक दर्द की हद से गुजर गया हूं में
अब कभी ना सिमटूंगा इस कदर बिखर गया हूं में

तेरे प्यार का दर्द अब धीरे धीरे से कम हुआ
ना खुसी हुई तेरे आने की और ना हम तेरे जाने का हुआ
पूछते हैं जब लोग मुझसे हमारी दोस्ती को दास्तां
कह देता हूं में उनसे खत्म हुआ जो एक फसाना था

Bewafa sad shayari in hindi

हम तुझे ढूंढ कर थक गए
ना जाने कौन सी गली में तुम छुप गए
अब कहां है और ठिकाना इस गरीब का
कब्र में जा कर हम खुद ही सो गए

दिल के जख्मों को आंसू में बहा लेंगे हम
उन आंसू को पूछकर यूंही मुस्कुरा लेंगे हम
भूल भी जाओगे हमें तो कोई बात नहीं
इस दिल को तेरी यादों से सजा लेंगे हम
मुबारक हो तुम्हें दोनों जहां की खुशी
अपने गम की ही मजा लेंगे हम
जानता हूं एक दिन आ ही जाओगे इसीलिए
आदत तेरे इंतजार की लगा लेंगे हम
छुड़ाना चाहो हमसे दामन बेशक छुड़ा लो
बेकरार अपने इस दिल को मना लेंगे हम
मालूम है मुझे हर रात तेरी रोशन होगी
अपने दिल को अंधेरों से ही लगा लेंगे हम

दीपक दिन में जलाने से होगा क्या
आग राख में लगाने से होगा क्या
आपको जब हमारी याद ही नहीं आती
तो फिर दिलाने से याद होगा क्या।

चल तो लेते हैं दो कदम सब
साथ जिंदगी भर कोई नहीं निभाता
अगर भुलाई जाती यादें रो कर
तो कोई गम हंस कर नहीं छुपाता।

दीवाने दोस्ती के लिए चले आते हैं
परवाना शमा के पिछे चले आते हैं
तुम्हें आई ना मेरी याद पर, मेरी मौत पर चले आना
बेगाने भी तो उस दिन चले आते हैं।

bewafa shayari
bewafa shayari

इसका चेहरा दुनिया को दिखाना पड़ा मुझे
परदा जो था दरमियान हटाना पड़ा मुझे
रुसवाइयों के खौफ से महफ़िल मे आज
हाथ बेवफा से फिर से मिलाना पड़ा मुझे।

जीने की चाहत दुनिया में ना होती
अगर मोहब्बत खुदा ने ना बनाई होती
करते ना लोग मरने की आरजू
अगर बेवफ़ाई मोहब्बत में ना होती

वो भी हमारे यादों में खोए होंगे
कभी खुली आंखो से वो भी सोए होंगे
माना गम छुपाने की अदा है हसना
पर कभी वो भी हस्ते हस्ते रोए होंगे।

मेरी ये दुनिया वीरान हो गई
मोहब्बत ये एक झूठी सी कहानी हो गई
इजहार मोहब्ब्त का झूठी करके
सयानी तो मेरी जानेमन हो गई
हर पल रहता उनके खयालों में
पागल दिल की ये नादानी हो गई

हमने चाहा था कभी उसे दिल से
पुरानी अब वह बात हो गई
आज भी तड़पते हैं हम तन्हाइयां में
मगर रकीबों की रानी वो हो गई
कैसे जिए हम ये जिंदगी “दोस्त”
बेगानी अब तो मेरी जिंदगी ही हो गई।

हो गए दूर सब हमारे चाहने वाले
बहुत आए हमें याद भुलाने वाले
जिनकी चाहत में हम मिट गए थे
लौट के कभी वो ना आने वाले।

जाके तुम से दूर ना जा सके
रोए हम कितना किसी को बता ना सके
गम इस बात का नहीं के आप मिल ना सके
बस यही है दर्द हमको के
एक पल के लिए भी आपको भुला ना सके।

bewafa shayari
bewafa shayari

ये शमा गीला गीला से भीगा रहा है मुझको
ये दिल किसी की याद में रुला रहा है मुझको
दिल की बात तुम तक पहुंचाऊं कैसे
ये जमाने का डर सता रहा है मुझको।

यही खता मेरी सनम के
तुमसे मोहब्बत कर बैठे
रोते हम दिल लगाकर तुमसे
ये हम क्या कर बैठे
औरों की गीला क्या करें
जब अपनों ने हमें बर्बाद कर बैठे
पागल तो होते हैं दीवाने
हम दीवाने होश में बन बैठे
उनकी मोहब्बत में हम जीते हैं
हर सितम इसीलिए सह बैठे

कदर ना कि मेरी मोहब्बत की
हमें और रुसवा कर बैठे
होगा जब एहसास तो पछताओगे
हमें ढुंढोगे पर ना कहीं पाओगे
अपनी भूल पे नादान होंगे
के ये हम क्या कर बैठे
पर जख्म को तेरे हमने
ताबीज बनाके हमने गले में लगा बैठे

जख्म हजार लिए बैठे हैं
खूनी अश्क के पिए बैठे हैं
उल्फत के राह में लौटा के वफा
सदमे कजा से लिए बैठे हैं
कफन दिल के रुसवा जिंदगी पे
तौबा हसरतों से हम किए बैठे
दवा हो ना सकी दर्द की
जख्मों की खुद ही सिए बैठे हैं
तड़प के भी तड़पाए मुझको
हर गम इसीलिए दुनिया से पिए बैठे हैं।

हमने जो हर एक से की वफा
की मैंने जिंदगी बस यही खता।

उसकी महक हर सांस में साथ है
एहसास उसका इन फिजाओं में साथ है
तनहा कहूं कैसे खुद को
जब उसकी याद हर धड़कन में साथ है।

एक किनारा हर समंदर का होता है
सवेरा हर एक रात का होता है
ए खुदा ये जुल्म क्यूं कर रहा है
क्यूं एक दीवाना हर बेवफा का होता है।

कभी मुस्कुराया हम भी करते थे
कभी शोर उजालों में हम भी मचाया करते थे
उसी दिये ने मेरे हाथों को जला दिया
हम जिस दिए को हवा से बचाया करते थे।

अपनी वफाओं का सिला हम किससे मांगते
बेवफा तो हम थे वफा का सिला किससे मांगते

प्यार करने का ख्याल हमें भी आया
आया जब भी ख्याल मुझको खुदको अकेला पाया
हम ढूंढते रहे इस दुनिया में हमसफर
धोखेबाज किसी को तो किसी को बेवफा ही पाया।

आंसू से हमें जख्मों को धोना नहीं आता
खूसी मिलती है तो उसे खोना नहीं आता
हर गम को हंस के सह लेते
लोग हमें कहते हैं के हमें रोना नहीं आता।

हमने मांगा था साथ उनका
वो गम जुदाई के दे गए
जी लेते हम उनकी यादों के सहारे
पर वो कसम भूल जाने की दे गए।

करते करते हम ईश्क की बात
कहां से कहां आ गए हम
करते करते उनकी तस्वीर का दीदार
कहां से कहां आ गए हम।

bewafa shayari
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जला दिया है ईश्क ने ईश्क करने वालों को
करता है बदनाम इन्हें जमाना
ना जाने कैसे फसानों से
रखा है नहीं कुछ दुनिया की भीड़ में गवाने के लिए
सब कुछ लुटा दिया
फिर भी वो ताने देते हैं इशारों से।

मुझे तुम जान कर भी ना जान पाए
पहचान कर भी तुम मुझे पहचान ना पाए
बेवफाई हमने खुद ही कर ली
ये सोच कर की तुम पर कोई इल्जाम ना आए।

लोग हमें ना जाने क्यूं आजमाते हैं
साथ कुछ पल ही रहने के बाद क्यूं दूर चले जाते हैं
किसी ने सही कहा है कि सागर के मिलने के बाद
लोग बारिश को भी भूल जाते हैं।

लहरें ना जाने क्या सोच के साहिल से टकराती है
फिर ये लौट जाती है
क्या वो किनारों से बेवफा करती है यही समझ में नहीं आता
या फिर समंदर से वफाई निभाने के लिए लौट के आती।

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