emotional sad shayari|👵sad shayari in hindi

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Sad Shayari

Emotional Sad Shayari In Hindi: Hello guys how are you, whenever we feel sad and want to express your sadness, 😭 So Sad Shayari is the best option to express your inner sadness on social networks. Here we are having a large collection of sad shayari😭 in hindi with images on this page. You can choose all type of Shayari according to your mood and share it where you want.

There is much reason for getting upset. quarrel with girlfriend or boyfriend And the best way to get relief of these heart burdens is by reading the Sad Shayari (poetry) and Sad SMS You can find a huge number of sad shayari in hindi with images on this page Today here we are come with a large collection of Sad Shayari with images.

अमीरी पर कह गए शेर
जो खानदानी रईस होते हैं
मिजाज अपना नर्म रखते हैं
तुम्हारा लहजा बता रहा है
तेरी अमीरी अभी नई नई है
(शबाना अदीब)

रात की दीवार पर इस हिज्र में डूबी स्याही से,
लिख दूं कुछ चुरा के उन यादों की परछाई से !

मोती तुम्हारे अक्स के ढूंढने की आजमाइश है,
ख्वाबों के समुंदर की एक अथाह गहराई से !

कैसे भूलू वो बातें वो वस्ल मिलन की सब रातें,
साजिशें जब करते थे कंगन से सजी कलाई से !

तर्क इस मोहब्बत में कभी हम भी देते थे बहुत,
खामोश तुमने कर दिया अपनी इस रुसवाई से !

इश्क के मुकाम पर क्या अलविदा बस होता है,
ये रोज सवाल करता हूं मैं अपनी तन्हाई से !

गुनाह गर मोहब्बत का जब कर बैठे हैं
शायद कर्ज उतर जाए अश्कों की भरपाई से !

पढ़ाई की किताबों में मज़हबी तालीम
यहाँ अब भी जारी हैं
कब तक संभाले अपनी तालीमात को
यहाँ पर
मेरा ये एक मतला लाख मज़मूनों पर
भारी हैं

emotional sad
emotional sad

नाराज क्यूं होते हो किस बात पे हो रूठे,
अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे !

कब तक छुपाओगे तुम हमसे जो प्यार करते हो,
नाराजगी का है बहाना मगर दिल से तो हम पे ही मरते हो !

तुम बन-बन कर हिचकियाँ, तड़पाती हो क्यों,
इतने दर्द के बाद भी और सताती हो क्यों !

भरी महफ़िल में तोड़ा था तुमने दिल मेरा,
अब अक्स मेरा जहन में लाती हो क्यों

तुम्हें लिखना चाहता हूं,
बेहद ख़ूबसूरत लिखना चाहता हूं !
फ़िर हर रोज उस काग़ज़ को चूमना चाहता हूं !

बहुत जोरों से नींद आ रही है,
सच कहूं तो..!
आज वो ख़्वाबों में मिलने आ रही है !

इश्क में ही नासमझी होती है अक्सर
जो कभी हंसते हुए रोते, कभी रोते हुए हंसते है

Emotional sad after breakup

जिस वक्त मुझे
वो छोड़ कर जा रही थी..!
उस वक्त में बेसुध हो गया था ! शरीर की हर शक्तियां काम करना बंद कर गई थी ! सांसे चल रही थी मैं एकदम दंग था, मुझे उस वक्त कुछ भी महसूस नहीं हो रहा था ना कुछ सोच पा रहा था ना कुछ बोल पा रहा था, मैं बस खड़ा था उस मोड़ पर और उसको जाते-जाते देख रहा था फिर वो आंखों से ओझल हो गई ! कुछ नहीं बोला मैं पीछे मुड़ा और चाय वाली दुकान पर गया वहां से एक सिगरेट ली और उसके बाद कई सिगरेट ली वहीं पर पीकर…!
सुनसान रास्ते पर चल दिया…!

(काल्पनिक रचना है इसे मेरे व्यक्तिगत जीवन से ना जोड़ना)

लिखूं
तेरे मेरे
प्यार की
अधूरी कहानी !
या फिर
ग़ज़ल
लिखूं तेरे इशारों पर !

emotional sad shayari for gf after breakup

कोई कहे उनसे जा कर के
कि देखिए आ के बज़्म-ए-इरफ़ान
ये रौनक़ और चहल पहल हो
तो क्या बुरा हैं गुनाह करना

तुम्हारी बातें ही सारा काम करती हैं
न भूलों के तु बहोत फ़र्क़ करती हैं
कहू अग़र मैं कुछ तो ये कहूगा
ख़ुदा बख्श दे तेरे सारे गुनाहों को

वैसे तो तुम अच्छी लड़की हो
फ़िर क्यू तुम उनका सुनती हो
देखो वो बरगलाएंगे मेरे बारे में
फ़िर क्यू उनकी सोहब्बत में रहती हो

emotional sad
emotional sad

ज़माने में ये फैशन हो गया हैं
ब्लॉक कर देना आसान हो गया हैं

कोई कर्ज़ छोड़ कर जाएगा
कोई फर्ज़ छोड़ कर जाएगा
ये शायर अपनी विरासत में
कुछ दर्द छोड़ कर जाएगा

दिल्लगी न तुम करो न हम करेगें
जो लिखा हो किस्मत में उसे कुबूल करेगें

इश्क है या इबादत.. अब कुछ समझ नहीं आता,
एक खुबसूरत ख्याल हो तुम जो दिल से नहीं जाता….

हमें हमारा झगड़ा सुलझाना चाहिए
ज़मीं पर प्यार का घर बसाना चाहिए

फसादों में आख़िर क्या रखा हुआ हैं
हमें प्यार का नग़मा गुनगुनाना चाहिए

दिन हो या रात या कोई भी वक़्त हो
हमें एक दूसरे में अब खोना चाहिए

मोहब्बत से बड़ी कोई इबादत नहीं
हमें एक दूसरे को गले लगाना चाहिए

कहा लिखा हैं के मोहब्बत गुनाह हैं
मिल के हमें ज़माने को बताना चाहिए

बस मेरे मुस्कुराने की वजह बने रहना,
जिंदगी में ना सही मगर जिंदगी बने रहना..!!

रब करे ज़िंदगी में ऐसा मुकाम आए,
मेरी रूह और जान आपके काम आए,
हर दुआ में बस यही मांगते हैं रब से कि
अगले जन्म में भी.. तेरे नाम के साथ मेरा नाम आये….

हाँ रहेगी उम्मीद आने की जब तक साँस बाकी है,
अभी सब खत्म नहीं हुआ कहीं एक आस बाकी है !

कोई तो पास है मेरे जो यूं महक आती है लम्हों में,
मेरी तन्हाईयों में तेरे होने का अभी एहसास बाकी है !

सब निशानी छीन कर मुझसे भला तुम भूल कैसे गए,
एक-एक हर्फ़ पर तुम्हारे ईश्क़ का लिबास बाकी है !

एक अरसे से बना बैठे हैं अब हम जाम से दूरी,
कि लबों पर उस आखिरी छुअन की मिठास बाकी है !

‘अहमद’ अक्सर पानी पर अपने ईश्क़ की तहरीर लिखता है,
सब दरिया को ये लगता है कि अभी भी प्यास बाकी है !

गर मुस्कान हो लहजें में तो बात दिल में उतर जाती है,
नजरों में अदब मिलाया तो सूरत और भी निखर जाती है !

मिलते रहो अपनो से कोई ना कोई बहाना बनाकर,
इस जिंदगी का क्या भरोसा कभी भी बिफर जाती है !

यूं तल्ख़ियाँ रखने से बस मायूसी ही आती है नजर,
करवट बदलते ही रिश्तो में एक उदासी बिखर जाती है !

कभी डरो ना किसी हालात से सब मुमकिन है मेरे दोस्त
ऐसे वक्त की ठोकरें खा कर ही क़िस्मत सँवर जाती है

कोई लिख पाया है कब शब्दों में ना बयां कर सका ‘अहमद’
एक ही बशर की ये जिंदगी समझने में उम्र गुज़र जाती है !

तुम्हारी चुप्पी ना जाने कितने राज दबाए हुए है,
क्या तअम्मुल है किसी बात की जो छुपाए हुए है !

कोई गिला शिकवा है शायद जो बताते नहीं हो,
क्यों इन सांसों में एक बेकरारी सी जगाए हुए है !

ये खामोशी है तुम्हारी या मेरे लिए सजा है कोई,
आज तबस्सुम की शमां जो यूं बुझाए हुए है !

तुम्हारे साथ होकर भी ये शाम अधूरी रह गयी,
दिल मे कहीं तन्हाई की चादर सी बिछाए हुए है !

कैसा ईश्क़ है जो खामोशी पढ़ नहीं पाते
क्यों आशना होकर भी तुम्हें इतना सताए हुए है !

उलझन भरे दिन हैं मेरे और तन्हा हैं राते,
दे जाती हैं जख्म हजार मुझे तेरी वो बातें !

हर बार बढ़ाया हमने हाथ थामने को तेरा दामन,
पर तूने हर बार मुझ से क्यों नजरें फेर ली…?

जब देखा तुझको पहली नजर तो देख कर मैं हैरान हुआ,
इस दिल पर मेरे बस ना रहा तभी यह तेरे नाम हुआ !

तेरा वो मुस्कुराता हुआ चेहरा मुझे जब भी याद आता है,
इन सर्द अंधेरी रातों में जागने की वजह बन जाता है !

तेरी वो झुकी हुई सी नजर एक भोलापन सा लगती थी,
लेकिन वो झुकी हुई पलके भी लाखों सवालात करती थी !

तू बन जाएगी खास इतनी ना पहली नजर में एहसास हुआ,
अब तो ये आलम ऐसा है तुझे देखे बिन ये दिल उदास हुआ !

हमको खुद भी मालूम नहीं इतना कैसे यूं लगाव हुआ,
मेरी इन भटकती राहों में अचानक से यूं ठहराव हुआ !

तुझको उदास करने से पहले खुदा एक बार तो सोचेगा,
तेरे रोने से पहले ही दिल कोई और भी रो देगा !

बस एक गुजारिश रब से है चाहे वो हमें मिलाये नहीं,
लेकिन किसी भी हालात में मेरी वजह से तुम्हें रुलाए नहीं !

माँ की अजमत से अच्छा जाम क्या होगा,
माँ की खिदमत से अच्छा काम क्या होगा,
खुदा ने रख दी हो जिस के कदमों में जन्नत,
सोचो उसके सर का मुकाम क्या होगा।

अभी सूरज नहीं डूबा ज़रा सी शाम होने दो
मैं खुद ही लौट आऊंगा मुझे नाकाम होने दो

मुझे बदनाम करने के बहाने ढूँढ़ते हो क्यूँ
मैं खुद हो जाऊँगा बदनाम पहले नाम होने दो

अभी मुझ को नहीं करना है एतराफ-ए-शिकस्त अपना
मैं सब तसलीम कर लूँगा ये चर्चा आम होने दो

मेरी हस्ती नहीं अनमोल फिर बिक नहीं सकता
वफायें बेच लेना पर ज़रा नीलाम होने दो

नए आगाज़ में ही हौसला क्यूँ तोड़ बैठे हो
सभी कुछ तुम ही जीतोगे ज़रा अंजाम होने दो

रुबाई
तेरी सारी शाइरी गज़ले मैं ख़ारिज कर दु
अग़र सही न हो काफ़िया रदीफ़ तो
किस मुँह से कहते हो तुम मुझे उस्ताद
क्या मैंने तुम्हें यही सिखाया हैं क्या

हमारा ज़िक्र भी अब जुर्म हो गया है वहाँ,
दिनों की बात है महफ़िल की आबरू हम थे,
ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर,
जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे।

तेरे नख़रे मैं सहता हू
के जब तेरी जुल्फ़े उड़ती हैं
चैन इस दिल का छिनती हैं

ख़बर तुझे कुछ भी न
मेरे दिल का तू नशा हैं
हर दफ़ा हैं मरहबा हैं

ये जो तेरी अदा हैं
इस पे हम फ़िदा हैं
ये हयाती सब तेरा हैं

तेरे हँसने की तारीफ़
ग़ज़लों में मैं करता हूँ
जो गुजरु तेरी गली से
तो शोर मैं करता हू

तीन बार टूटी…. तो किसी तरह समेट लिया था खुद को ….
इस बार टूटी तो सीधे मर जाऊंगी मैं…..

इंसान चाहे कितना ही खुश क्यों ना हो
लेकिन जब वो अकेला होता है,
तो वो सिर्फ उस इंसान को याद करता है
जिसे वो दिल से प्यार करता हैं… 💔

मुझे झूठ का मरहम लगाना नहीं आता,
जनाब….
इसलिए सच का नमक ही छिड़क देती हूं ।।

उजड़ तो रही है, हर रोज़ लाखों की दुनिया,
औऱ तुम सोंचते हो कि क़यामत किसी एक दिन आएगी !

रातें गुज़रता हैं,
जुस्तजू में गुफ़्तगू के !

और इल्ज़ाम नींद पर,
कि कमबख़्त आती है दिन में बहुत !

क़द-ए-तख़य्यूल तो देखो,
उंगली उठाई और आसमान छू लिया !

अपनों के ही मारे हुए हम हैं
अपनो के ही सताए हुए हम हैं
जितने भी जख़्म हैं मेरे दिल पर
सब उसके लगाए हुए हैं

इश्क़ को मार देते हैं
जज़्बात को मार देते हैं
यहाँ इंसान ख़ुद नहीं मरता हैं
यहाँ धोखेबाज़ मार देते हैं न

सब मोहब्बत से बच के चलते हैं
हमनें प्यार से जख़्म खाए हैं
तुम जिसकी बात कर रहे हो
हमनें उनसे ही जख़्म खाए हैं

मैंने दीदार की ख्वाहिश ज़ाहिर की
उस हसीना से यार उसने ही
बेवफ़ाई की हैं

जिस से मिलाई आँख उसको अपना कर लिया,
मन ऊबने तक रखा पास फिर जुदा कर दिया !

ये फ़क़त उसकी नज़र का करम है दोस्तों,
किसी को देखा तो हीरा तो किसी को ख़ाक कर दिया !

उसकी फ़ितरत में है बदलते रहना खिलौनों सा,
हुस्न हुनर के दर्प में न जाने कितनों को राख़ कर दिया !

मोहब्बत की तपिश में एक पत्थर को उसने मोम किया,
फिर बेवफाई की आग में जलाया और राख कर दिया !

होती नही वो किसी की भी बस खेलती है ईश्क़ के नाम पर,
किस्सा ये भी मशहूर हैं उसकी जफ़ा का उसकी बस्ती में !

तुम सीख लो सलीका अब मुझ बिन रहने का,
सांसे मौका नही देंगी अलवीदा कहने का !

सुनकर ख़बर मेरी मौत की तुम थम ना जाना,
मेरे सपनों को बनाना मक़सद आगे बढ़ने का !

हमको ज़िंदा रखना तुम अपने अल्फ़ाज़ों में,
तुमको हुनर सिखाया है मैंने ग़ज़ल लिखने का !

उसको वहम है कि मुझे ज़िंदगी से मोहब्बत बहुत है,
छुरा घोंपने आया तो मैं सीना तान दूंगा !

अगर लिखने पे आऊं तो तेरे नाम की किताब लिख दुं,
लेकिन दिल को गवारा नही मेरे अलावा कोई तुम्हें पढ़े

सीधे पूछा करो तुम्हें जो पूछना होता हैं
सहारा लेने से नुकसान बहोत होता हैं
मैं ग़लत नहीं हूं तुम भी जानते हो
दूर भागने से फ़ासला बहोत बढ़ता हैं

हर रोज़ हम उदास होते हैं
और शाम गुज़र जाती है
किसी रोज़ शाम उदास होगी
और हम गुज़र जायेंगे
✍️ 💞

और तो क्या था बेचने के लिए
अपनी आँखों के ख़्वाब बचे हैं


इन हथेलियों पर रख कर नसीब अपना,
तू निकला है मुक़द्दर की खोज में !

Motivational quotes

देख उस समन्दर को एक निगाह भर के,
लहरें भी उसकी निकली है पत्थरों की खोज में !

मेरी कहानी ज़रा दूसरी है जनाब,
सफ़लता को मैंने कुछ ऐसे देखा है कि !

एक हाथ से मैंने अगर काम किया है,
तो दूसरे हाथ से ख़ुद की ही पीठ को थपथपाया है !

मौत अच्छी है इस अनजानी दुनिया के लोगो से,
शिज़ा….
जितने भी मिले सब मतलब के यार मिले ।।

मुझे कोई मतलब नहीं किसी से
यहाँ पे सभी मलतबी हैं कसम से
सब इस्तेमाल करते हैं यहाँ पे
मुझे भरोसा नहीं हैं यहाँ किसी पे

इक मज़हब हैं मुझ में भी
थोड़ा अदब हैं मुझ में भी

गुरुर मैं करता नहीं हुन्नर पे
इक आफ़ताब हैं मुझ में भी

जलता भी हैं बुझता भी हैं
इक महताब हैं मुझ में भी

तुम्हें क्या बताए हाल-ऐ-दिल
कुछ जज़्बात हैं मुझ में भी

हस के टाल देता हूँ बातें मैं
वो काबिलियत हैं मुझ में भी


आप यह हो वह हो यह सब तो पता है,
पर अब जरा यह बताओ,
यह जो मेरे दिल में आपका चेहरा बनते जा रहा है ,
क्या आप कोई रंगसाज भी हो…..

Emotional Sad Shayari in love

हम अपनी मिशाल खुद है,
किसी ओर जैसा बनने की तम्मना नही रखते।।
 

emotional sad
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कुदरत का कमाल भी देखो…….
एक तरफ मोहब्बत दूसरी तरफ इज्जत…..!!

ख़ामोशी ही बेहतर है ,
शिज़ा….
आवाज़ से लोग अक्सर रूठ जाया करते है

मैं ने तो इक बात कही थी
क्या तू सच-मुच रूठ गया है

ऐसा गाहक कौन है जिस ने
सुख दे कर दुख मोल लिया है

वफ़ा की कोई निशानी नहीं हैं
बेवफ़ा हैं सब यहाँ पानी नहीं हैं

मुझसे जो बिछड़कर जा रहें हैं
कर्ज़ हैं उन पे ज़िंदगानी नहीं हैं

उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो;
जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो;
इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है;
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो…
💞
Shayari for friends
बेवाफायों की इस दुनियां में संभलकर चलना मेरे दोस्तों
यहाँ बर्बाद करने के लिएमुहब्बत का भी सहारा लेते हैं लोग
✍️ 💞

दर्द से दोस्ती हो गई यारों;
जिंदगी बे दर्द हो गई यारों;
क्या हुआ जो जल गया आशियाना हमारा;
दूर तक रोशनी तो हो गई यारो।
✍️ 💞

शबनम के नाम से रोता हैं
दरिया हो के तू प्यासा हैं
दिल की बंजर ज़मी पर
यार ये मौसम कैसा हैं

नफ़रत का एहसास हुआ
जब जब दिल टूटा हैं
मैं भी अब कम मिलता हूँ
वो भी कट कट रहता हैं

मेरे घर आ के देखों ज़रा
हर सू वो ही बिखरा हैं
रातों को रोना मेरा
बे ख्वाबी का ये किस्सा हैं

जीतना जी चाहें वो हस ले
उसे इक दिन रोना हैं
प्यार मोहब्बत इक खेल हैं
कौन यहाँ किसका होता हैं

जिसे अपनी जान कहते हैं
उसे इक दिन खोना होता हैं
टूटे बिखरे रिश्तों का
दर्द को सहना पड़ता हैं

ऐ चाय तू भी क्या कमाल हे
खुशी हो या गम
तू तो सभी में सुमार हे
☕️☕️☕️☕️
दर्द शायरी
दिल को कुछ दर्द भी देना जरूरी है,
जहर इस ज़िन्दगी का पीना जरूरी है।।

थोड़ा दूसरों के काम आ सके हम,
कुछ ऐसा भी तो करना जरूरी है।।

ये महफ़िल समझ ना पाए आपकी बातों को,
खुद को थोड़ा मासूम बनाना भी जरूरी है।।

कोई भी नही सुनता हमारी दिल की बातों को,
लगता है अब दर्द को दबा देना ही जरूरी है।।

नींद को पलकों पे रख लो आप सब,
हमारे लिए आंखों में ख्वाबों को जीना जरूरी है।।

सोचते हैं अब याद ना किया जाये उसको,
उसे भी दो घड़ी चैन से रहने देना जरूरी है।।

दुनियां के डर से हमेशा चलते रहे भीड़ वाली राहों पर,
अब मंजिल के लिए खुद में भीड़ बनाना जरूर है।।

लफ़्ज़ो मैं ही पेश कीजिएगा
रिश्तों की दावेदारियां….

ये शहर -ए- नुमाइश है …..
यहां अहसास के ज़ोहरी नहीं रहते…!!

मोहब्बत से बेज़ार हो गया हूँ
चहेरे परखने का फ़न सिख गया हूँ
कोई हो या न हो सफ़र में साथ
अकेले चलने का हुन्नर सिख गया हूँ

एक खूबसूरत ज़िंदगी बिताने की,
तम्मन्ना थी तुम्हारे साथ !
इसे ज्यादा मैंने क्या चाहा था,
तुमसे और तुम्हारे साथ !

ठहर गया वो एक मंज़िल की पनाह लिए,
चलते रहे हम हमारा ठिकाना कही और था !

अक़्सर तेरी यादें आकर बैठ जाती हैं पास मेरे,
कैसे कहूँ सब से के तन्हां हूँ मैं !

मैं लफ़्ज़ों में बयां करूं तुझको,
तू इतना सा क़िरदार नही !

और वफ़ाओं की नुमाइश करूं,
तू इतना भी हक़दार नही !

emotional sad
emotional sad

जब क़भी मैं ख़ुद से रुठ जाता हूँ
ग़ालिब साहिब को गुनगुनाता हूँ
झूठ सुइयां चुभाता हैं मुझे
आँखों से जब मैं सच बोलता हूँ

कहा सवालों ने तुमसे जवाब मांगते हैं,
हम अपनी आंखों के हिस्से का ख्वाब मांगते हैं।

हम ही को दरिया पर जाने से रोकने वाले,
हम ही से पानी का सारा हिसाब मांगते है।

अजीब लोग हैं इन पर तो रहम आता हैं, जो काँटे बोकर जमी से गुलाब मांगते हैं।

गुनहगार तो नज़रे हैं आपकी वरना,
कहा ये फूल से चेहरे नकाब मांगते हैं।।

न तेरे बुलाने से आएंगे
न मेरे बुलाने से आएंगे
वो अपने दिल के मालिक हैं
अपनी मर्ज़ी से आएंगे जाएंगे

अभी सूरज नहीं डूबा ज़रा सी शाम होने दो
वो ख़ुद आएगी ऑनलाइन घर का काम होने दो

प्यार आज भी इमरान आपसे से उतना ही हैं,
बस आपको एहसास नही, और हमने जताना भी छोड़ दिया।


✍️ 💞

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latest sad shayari

“सुनो गर्ल ” फिर लगेगी नज़र आपको,
देखो आप फिर से काजल लगाना भूल गयी।
✍️ 💞

अपनी पहचान भी वो
आप हुआ करते हैं ।
आईने की तरह जिनके
किरदार हुआ करते हैं ।।

तेरा दीदार जब नहीं होता ।
मेरी आंखें उदास रहती हैं ।।

emotional sad
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कोई आईना ऐसा भी दुनिया में बनाया जाये
जिसमें सूरत के साथ सीरत भी सँवारी जाये..

बहुत दिखाते रहे शिद्दत से आईना को
अपना चेहरा भी आईने में देख लिया जाये..

बुरा कहे ना बुरा माने प्यार लुटाता ही जाये
ख़ुद में कोई इंसान ऐसा भी तलाशा जाये..

तरस रहे जो मुद्दत से सूर्य की रौशनी के लिये
उन अंधेरे घरों को चिरागों से रौशन करा जाये..

तमाम उम्र बिता दी बेवजह नफ़रत अदावत में
उन बेचारों को मोहब्बत से गले लगाया जाये..

तेरी आंखों का काज़ल बने रहने की तमन्ना है मेरी,
तेरे दिल की धड़कन बने रहने की तमन्ना है मेरी !

मालिकान हक़ किसी का हो तेरी खूबसूरती का,
ज़िंदगी भर पहरेदार बने रहने की तमन्ना है मेरी !

तेरी मंज़िल का सुकून चाहे किसी को भी मिले,
पर तेरे साथ राहगीर बने रहने की तमन्ना है मेरी !

और मैं जानता हूँ लाखों तारें होंगे तेरे आसमान में,
पर तेरा पसंदीदा चाँद बने रहने की तमन्ना है मेरी !

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याद कितने दीवाने करते होंगे बेचैन होकर ऐ-हंसी,
मगर तेरी इन यादों में बने रहने की तमन्ना है मेरी !

आंसुओं की तरह आंखों से छलका ना देना मुझे,
‘सहिबा’ तेरी बाहों में मर मिटने की तमन्ना है मेरी !

गुजरती है जो दिल पर
वो जुबान पर लाकर क्या होगा..

समझकर भी जो न समझे
उसको समझाकर भी क्या होगा….

✨✨

तेरा यूँ मिलना मिलकर बिछड़ जाना कमाल है,
मुझे आज भी इश्क़ है तुझसे, मगर तेरा क्या ख्याल है !

बड़ी हसरतों से मैंने पाया है तुम्हें
अपने ख़्वाबों में,
दुल्हन की तरह सजाया है तुम्हें !

मेरी ‘सुबह और शाम’
मेरी दुनिया और जहान
तुम ही हो !

इस दिल में,
तस्वीर बनाकर लगाया है तुम्हें !

कब तक यूँ उनके पीछे भागे हम,
कभी वो भी तो हमारा हाथ थाम के,
चलने का इरादा करें !

मेरा यही अंदाज इस जमाने को बहुत चुभता है कि,
टुकड़ों में बिखरा शख्स, लफ्जों को शायरी में कैसे पिरोता है !

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ईश्क़ वो है जिसे,
सब्र का लिहाज़ नही !

बेहद नशीला है,
ये इसका कोई इलाज़ नही !

मेरी चाहतों के गुल तेरी बाहों के गुलिस्तां में ही खिलते हैं,
मोहतरमा अपनी बाहों को फ़ैला दे और मुझको महकने दे !

कैसे समेट लूं अल्फ़ाज़ों में तेरे ईश्क़ को,
तेरी ये मोहब्बत लफ्ज़हीन कर जाती है मुझे !

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