sad shayari on zindagi in Hindi {2021}

sad shayari on zindag

इतने अलग थे हम दोनो कि…
मेरे सन्नाटे भी शोर करते थे
और उसकी तो बातें भी ख़ामोश रहती थी।

नजर न आऊ तो ढूंढे उचक-उचक के…,,
हो सामना तो देखे झिझक-झिझक के…

sad shayari on zindag
sad shayari on zindag

नए इत्र की खुशबू दुप्पटे से आ रहीं हैं
क्या तु किसी औऱ से मिल के आ रहीं हैं

चहेरा खिला खिला सा हैं तेरा
क्या तू किसी औऱ के गले मिल के आ रहीं हैं

अजीब सी चमक हैं तेरी आँखों में
क्या तू किसी औऱ से नज़र मिला के आ रहीं हैं

खोई खोई सी हैं तु इन दिनों
क्या तू किसी औऱ के बारे में सोच रहीं हैं

कुछ दिनों से लहजा बदला हुआ हैं तेरा
क्या तू मुझे छोड़ने की तैयारी कर रहीं हैं

नहीं रहती मुझे याद अपनी शायरी
ख़ुद की लिखी हुई ग़ज़ल भी यारों

उसका ग़म मेरे दिल में इतना हैं के
मैं सब कुछ भूल जाता हूँ प्यारों

इक उसके सिवा मुझे याद नहीं हैं
मैं उसमें ही खोया रहता हूँ मेरे रकीबों

ज़माना कुछ भी कहें फ़र्क नहीं पड़ता
मैं ज़माने कहा रहता हूँ मेरे यारों

इक वहीं तो अपना जहाँ में
मैं अब उसकी याद में रहता हूँ प्यारों

मुहब्बत में तू मुझे कितना झुकाएगा
उम्मीद हैं तू मुझे नहीं मिटाएगा

ये आबो हवा ज़हरीला लग रही हैं
हमें तेरी निय्यत ठीक नहीं लग रहीं हैं
तेरी बेरुख़ी सिने में चुभ रहीं हैं
चल अब हम दोनों जुदा हो जाते हैं

तुझे मुझसे बहूत तक़लीफ़ हैं
चल आज तेरी तक़लीफ़ हम दूर करते हैं
तुझे हम मुहब्बत से रिहा करते हैं
अब हम किसी और पर कर के देखते हैं

ये दुनियां हैं यहाँ दास्तानें मार देती हैं
रस्मों रिवाजों की चट्टानें यहां मार देती है

sad shayari on zindag
sad shayari on zindag

ऐसा लगता है जैसे हर इम्तिहॉ के लिए…!!
किसी ने ज़िंदगी को हमारा पता दे दिया है…!!!

न दिल में तमन्ना हैं न दिमाग़ में तेरा ख़याल हैं
मुझे तुझसे मुहब्बत हैं ये मैंने कभी कहाँ नहीं हैं

तुम्हारी चाहत के बिना मैरी
इबादत पूरी नही होती है

तुम जिदँगी हो मैरी तुम बिन
मैरी जिदँगी पूरी नही होती है,

मसलों का हल निकाला जाए
ख़ुद की ज़िंदगी ख़त्म न की जाए

जो आंखे आपको समझ सके,
वहीं दोस्त है…!
वरना खूबसूरत चेहरे तो,
दुश्मनों के भी होते हैं…!!

दवा इस दर्द की कोई ना हो सका
वो मेरा हो कर मेरा ना हो सका

कोई तो कमी हैं शायद मुझ में
इक मिसरा मुझसे पूरा ना हो सका

कोई मिले तो उस से कहूगा दर्द
वो मेरा हो कर मेरा ना हो सका

उसके बाद मेरी किसी से जमी नहीं
मैं अब तक किसी का ना हो सका

सारी महफ़िल में मेरी ही बात हैं
लेक़िन मैं बात ना किसी से कर सका

वो कहते रहे हमसे हम तुम्हारे है,
मगर वो ये बात केवल हमसे ही नहीं कहे

ग़म के बादल गहरे हैं तेरी याद के उजाले हैं
हमें जरूरत तबीब की हैं तुम आए हम अच्छे हैं

रास्ता आसान हैं इश्क़ में वापसी हैं
तेरे चहेरे पर झुर्रियां हैं मेरे पास आईना हैं

मैं हर दिन की तरहा उसकी गली में गया
मुझे हर दिन की तरह वो नहीं मिला

नज़र उठाकर देखता रहा खिड़की में
वो मुझे खिड़की में भी नहीं मिला

किस से कहता किस से पूछता मैं
वहाँ अपना कोई दोस्त भी न मिला

लौट आया मैं घर को मायूसी के साथ
यार वो हर दिन की तरहा मुझे नहीं मिला

गजल
मुश्किलों को देख जो घबरा गए।
छोड़कर वे राह वापस आ गए।

हो गया प्रतिकूल उनके फैसला।
दंड अपनी गलतियों का पा गए।

माफ जिनको कर दिया था आपने।
वे दुबारा से सितम फिर ढा गए।

दुश्मनों से तो लड़ाई जीत ली।
मात अपने दोस्तों से खा गए।

ओट में जाकर के सूरज छिप गया।
आस्मां पर फिर से बादल छा गए।

झूठ जैसा सच उन्हें लगने लगा।
मानकर सच झूठ को भरमा गए।

कल तलक कश्यप चमन की शान जो।
दूसरे दिन फूल वे मुरझा गए।


वो लड़की मेरा कतल करवाए गी किसी दिन
अपने व्हाट्सएप पर मेरी तस्वीर लागए फिरती है

हमारी बुज़दिली मशहूर है ज़माने में
के बदला लेते नहीं हैं हम छोड़ खुदा पर देते

उपर से हरा अंदर से नारंगी हैं
नागपुरी संतरा बड़ा फ़रेबी हैं
उपर से मीठा अंदर से खट्टा हैं
इसका रस न पीना बड़ा कड़वा हैं

हर जगहा ये जाता रहता हैं
हर जगहा ये कड़वाहट घोलता हैं
छिलका इसका ज़मी पर न फेकना
ये जहाँ जगहा मिले पैर फैलता हैं

गोरे सेफ से नारंगी का रिश्ता हैं
वो मालिक हैं ये उसका नौकर हैं
ये रंग बदलता हैं गोरे सेफ के ईशारे पर
जो वो कहता हैं वो ये करता जाता हैं

बड़ा दाम मिलता हैं इसे वहाँ से
तब जा कर ये हर जगहा बिकता हैं

तेरे जाते ही आँखे अश्क़ बार हो गई
आँसू हैं आँखों में आँखे भारी हो गई
उमर तू हो गया रुख्सत इस जहाँ से
उदास उदास मेरी दुनियां हो गई

मिला तू मुझे देर से क्यू हमेशा
तुझसे ये शिकायत रहेंगी
लगा ले तू मुझे गले बन बताए
तुझे उम्र भर इजाजत रहेंगी
मुझे अब कोई गम रुला ना सकेगा
क्यू की तू बहाना हैं मेरी हँसी का

चेहरे को इस दर्द की धूप से निखर जाना था
आइना देखने वाले तुझे मर जाना था

राह में ऐसे नुक़ूश-ए-कफ़-ए-पा भी आए
मैं ने दानिस्ता जिन्हें गर्द-ए-सफ़र जाना था

उसकी आँखों में मुहब्बत का सितारा होगा
एक दिन वो शख्श हमारा होगा
जिंदगी अब के मेरा नाम न शामिल करना
ग़र ये तय हैं ये खेल दुबारा होगा

sad shayari on zindag
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तड़प के देखो किसी की चाहत में !
तो पता चले कि इंतज़ार क्या होता है !

बिना तड़पे अगर कोई यूं ही मिल जाए
तो कैसे पता चले के प्यार क्या होता है !

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