udas shayari in hindi [Best udas shayari]

udas shayari

मैं कहाँ हूँ कुछ बता दे ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
फिर सदा अपनी सुना दे ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी

सो गए इक एक कर के ख़ाना-ए-दिल के चराग़
इन चराग़ों को जगा दे ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी

वो बिसात-ए-शेर-ओ-नग़्मा रतजगे वो चहचहे
फिर वही महफ़िल सजा दे ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी

जिस के हर क़तरे से रग रग में मचलता था लहू
फिर वही इक शय पिला दे ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी

अब तो याद आता नहीं कैसा था अपना रंग-रूप
फिर मिरी सूरत दिखा दे ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी

एक मुद्दत हो गई रूठा हूँ अपने-आप से
फिर मुझे मुझ से मिला दे ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी

जाने बरगश्ता है क्यूँ मुझ से ज़माने की हवा
अपने दामन की हवा दे ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी

रच गया है मेरी नस नस में मिरी रातों का ज़हर
मेरे सूरज को बुला दे ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी

udas shayari
udas shayari

ग़ुलाबी लाडा वो करते थे
वो हमको अच्छे लगते थे
वो सर पर हाथ फेरते थे
वो मुहब्बत बहोत करते थे

आँखे बड़ी खूबसरूत थी
वो आँखों में हमें रख़ते थे
जुल्फ़े घनी बहोत थी
वो हमकों उसमें सुलाते थे

वो शरारत बहोत करते थे
वो हमकों बहोत सताते थे
वो मज़ाक बहोत करते थे
वो हमकों बहोत हँसाते थे

न जाने कहाँ गुम हो गए वो
वो हमें बहोत याद करते थे
इऱफान को ग़म हैं उनका
वो हमें इश्क़ बहोत करते थे

इन औरतों में एक मर्द भी रहता है
बोझ काँधों पे पाँव में दर्द भी रहता है

रात गुफ्तगू बड़ी देर तक चलती रही
मेरे और सिर्फ़ मेरे दरमियान

इंसान अगर प्यार मे गिरा तो गम मे पड़ ही जाता है
क्यूकी प्यार चाहे जितना भी करो थोड़ा सा तो कम पड़ा ही जाता है

वो मेरे पास आना चाहता है
मगर कोई बहाना चाहता है

तारीख़ का कोई फ़साना नहीं
इरफ़ान कोई दीवाना नहीं
महज़ शौक़ हैं लिखना मेरा
इरफ़ान किसी का दिलबर नहीं

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